Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.25.9: तब क्रोध में भरे हुए सात्यकि ने अपने बाणों से क्रुद्ध कृतवर्मा को आगे बढ़ने से रोक दिया और कृतवर्मा ने सात्यकि को उसी प्रकार रोक दिया, जैसे एक मतवाला हाथी दूसरे मतवाले हाथी को रोक लेता है। | mahabharat अध्याय 7.25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब क्रोध में भरे हुए सात्यकि ने अपने बाणों से क्रुद्ध कृतवर्मा को आगे बढ़ने से रोक दिया और कृतवर्मा ने सात्यकि को उसी प्रकार रोक दिया, जैसे एक मतवाला हाथी दूसरे मतवाले हाथी को रोक लेता है।
Then Satyaki, filled with anger, stopped the enraged Kritavarma from proceeding further with his arrows, and Kritavarma stopped Satyaki, just like a drunken elephant stops another drunken elephant.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥