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mahabharat 7.25.58-60: तत्पश्चात् घटोत्कच गदा, चक्र, तलवार, मेखला, लोहे की छड़ें, पत्थर, कडांगर, भुशुण्डि, प्रासा, तोमर, भाला, मूसल, गदा, चक्र, भिण्डिपाल, कुल्हाड़ी, धूल, वायु, अग्नि, जल, राख, मिट्टी के ढेले, तिनके और वृक्षों से कौरव सेना को पीड़ा पहुँचाता हुआ, शत्रुओं को क्षत-विक्षत करता, तोड़ता, मारता, खदेड़ता, पटक देता और सारी सेना को भयभीत करता हुआ द्रोणाचार्य को पकड़ने के लिए वहाँ आया।   |   mahabharat अध्याय 7.25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध  »  श्लोक 58-60
 
 
श्लोक  7.25.58-60 
गदापरिघनिस्त्रिंशपट्टिशायोघनोपलै:।
कडङ्गरैर्भुशुण्डीभि: प्रासैस्तोमरसायकै:॥ ५८॥
मुसलैर्मुद्‍गरैश्चक्रैर्भिन्दिपालपरश्वधै:।
पांसुवाताग्निसलिलैर्भस्मलोष्ठतृणद्रुमै:॥ ५९॥
आतुदन् प्ररुजन् भञ्जन् निघ्नन् विद्रावयन् क्षिपन्।
सेनां विभीषयन्नायाद् द्रौणप्रेप्सुर्घटोत्कच:॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् घटोत्कच गदा, चक्र, तलवार, मेखला, लोहे की छड़ें, पत्थर, कडांगर, भुशुण्डि, प्रासा, तोमर, भाला, मूसल, गदा, चक्र, भिण्डिपाल, कुल्हाड़ी, धूल, वायु, अग्नि, जल, राख, मिट्टी के ढेले, तिनके और वृक्षों से कौरव सेना को पीड़ा पहुँचाता हुआ, शत्रुओं को क्षत-विक्षत करता, तोड़ता, मारता, खदेड़ता, पटक देता और सारी सेना को भयभीत करता हुआ द्रोणाचार्य को पकड़ने के लिए वहाँ आया।
 
Thereafter, Ghatotkacha, tormenting the Kaurava army with mace, circlet, sword, belt, iron rods, stones, Kadngar, Bhushundi, Prasa, Tomar, spear, pestle, club, discus, Bhindipal, axe, dust, wind, fire, water, ashes, lumps of earth, straws and trees, maiming the enemies, breaking them, hitting, chasing them, throwing them and frightening the entire army, came there to capture Dronacharya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)