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पाण्ड्यमिन्द्रमिवायान्तमसुरान् प्रति दुर्जयम्।
समर्थ: सायकौघैन वृषसेनो न्यवारयत्॥ ५७॥
अनुवाद
जिस प्रकार इन्द्र दैत्यों पर आक्रमण करते हैं, उसी प्रकार द्रोणाचार्य पर आक्रमण करने वाले दुर्जय वीर पाण्ड्य को महाबली वृषसेन ने अपनी बाणों की सेना द्वारा रोक दिया।
Just as Indra attacks the demons, in the same manner the Durjaya Veera Pandya, who was attacking Dronacharya, was stopped by the mighty warrior Vrishasena with his army of arrows. 57.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥