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mahabharat 7.25.5: तब आपके पुत्र दुर्मर्षण ने भीमसेन को अपने पास देखकर उनके प्राण लेने की इच्छा से उन पर बाणों की वर्षा से आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 7.25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.25.5 
ततो दुर्मर्षणो भीममभ्यगच्छत् सुतस्तव।
आराद् दृष्ट्वा किरन् बाणैर्जिघृक्षुस्तस्य जीवितम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
तब आपके पुत्र दुर्मर्षण ने भीमसेन को अपने पास देखकर उनके प्राण लेने की इच्छा से उन पर बाणों की वर्षा से आक्रमण किया।
 
Then your son Durmarshan, seeing Bhimasena near him, attacked him with a shower of arrows, wishing to take his life.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)