Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.25.33: तदनन्तर अर्जुन के समान पराक्रमी अर्जुनकुमार ने तीन अत्यन्त तीक्ष्ण शस्त्रों से दुःशासनपुत्र के धनुष, ध्वजा और सारथि को टुकड़े-टुकड़े कर डाला और द्रोणाचार्य के पास पहुँचे॥33॥ | mahabharat अध्याय 7.25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्य कृष्णसम: कार्ष्णिस्त्रिभिर्भल्लै: सुसंशितै:।
धनुर्ध्वजं च सूतं च छित्त्वा द्रोणान्तिकं ययौ॥ ३३॥
अनुवाद
तदनन्तर अर्जुन के समान पराक्रमी अर्जुनकुमार ने तीन अत्यन्त तीक्ष्ण शस्त्रों से दुःशासनपुत्र के धनुष, ध्वजा और सारथि को टुकड़े-टुकड़े कर डाला और द्रोणाचार्य के पास पहुँचे॥33॥
Then Arjun Kumar, who was as mighty as Arjun, cut into pieces the bow, flag and charioteer of Dushasana's son with three very sharp flails and reached near Dronacharya. 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥