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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  7.25.31 
प्रवपन्निव बीजानि बीजकाले नरर्षभ।
द्रौणायनिर्द्रौपदेयं शरवर्षैरवाकिरत्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ! तब द्रोणपुत्र भी द्रौपदीपुत्र प्रतिविन्ध्य पर बाणों की वर्षा करने लगे, मानो कोई किसान बुवाई के समय खेत में बीज बो रहा हो।
 
O best of men! Then Drona's son also began to shower arrows on Draupadi's son Prativindhya, as if a farmer was sowing seeds in the field at the time of sowing.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)