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mahabharat 7.25.27: महाराज! श्रुतकर्मा मयूर वर्ण के घोड़ों पर सवार होकर आ रहे थे। आपके पौत्र श्रुतकर्मा को चित्रसेन के पुत्र ने रोक लिया।   |   mahabharat अध्याय 7.25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.25.27 
श्रुतकर्माणमायान्तं मयूरसदृशैर्हयै:।
चैत्रसेनिर्महाराज तव पौत्रं न्यवारयत्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
महाराज! श्रुतकर्मा मयूर वर्ण के घोड़ों पर सवार होकर आ रहे थे। आपके पौत्र श्रुतकर्मा को चित्रसेन के पुत्र ने रोक लिया।
 
Maharaj! Shrutkarma was coming on horses of peacock colour. That your grandson Shrutkarma was stopped by Chitrasen's son.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)