Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.25.17: तब ज्येष्ठ पाण्डव युधिष्ठिर ने गर्जना करके दो छुरियों से राजा शल्य की ध्वजा और धनुष काट डाला। यह देखकर सब लोग हर्ष से गर्जना करने लगे॥17॥   |   mahabharat अध्याय 7.25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.25.17 
तस्य नानदत: केतुमुच्चकर्त च कार्मुकम्।
क्षुराभ्यां पाण्डवो ज्येष्ठस्तत उच्चुक्रुशुर्जना:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
तब ज्येष्ठ पाण्डव युधिष्ठिर ने गर्जना करके दो छुरियों से राजा शल्य की ध्वजा और धनुष काट डाला। यह देखकर सब लोग हर्ष से गर्जना करने लगे॥17॥
 
Then the eldest Pandava Yudhishthira roared and cut off King Shalya's flag and bow with two knives. Seeing this, everyone roared with joy.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)