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mahabharat 7.25.11: क्रोधित होकर क्षत्रवर्मा ने सिंधुराज जयद्रथ का ध्वज और धनुष काट डाला तथा दस बाणों से उसके सभी अंगों को घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.25.11 
क्षत्रवर्मा सिन्धुपतेश्छित्त्वा केतनकार्मुके।
नाराचैर्दशभि: क्रुद्ध: सर्वमर्मस्वताडयत्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
क्रोधित होकर क्षत्रवर्मा ने सिंधुराज जयद्रथ का ध्वज और धनुष काट डाला तथा दस बाणों से उसके सभी अंगों को घायल कर दिया।
 
Enraged, Kshatravarman cut off the flag and bow of Sindhuraj Jayadratha and wounded him in all his vital spots with ten arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)