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mahabharat 7.25.10: सिंधु देश के राजा जयद्रथ ने भयंकर धनुष धारण करके अपने तीखे बाणों से महान धनुर्धर क्षत्रवर्मा को द्रोणाचार्य की ओर आने से रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.25.10 
सैन्धव: क्षत्रवर्माणमायान्तं निशितै: शरै:।
उग्रधन्वा महेष्वासं यत्तो द्रोणादवारयत्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
सिंधु देश के राजा जयद्रथ ने भयंकर धनुष धारण करके अपने तीखे बाणों से महान धनुर्धर क्षत्रवर्मा को द्रोणाचार्य की ओर आने से रोक दिया।
 
Jayadratha, the king of Sindhus, wielding a fearsome bow, with his sharp arrows stopped the great archer Kshatravarma from coming towards Dronacharya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)