Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.24.7-8: सुत संजय! बहुत समय पहले की बात है, मूर्ख दुर्योधन ने मुझसे कहा था, 'पिताजी! इस समय केकय, काशी, कोसल और चेदि देश के लोग मेरी सहायता के लिए आये हैं। अन्य वंगों के लोग भी मेरी शरण में आये हैं। पिताश्री! इस जगत का बहुत बड़ा भाग मेरे पास है, अर्जुन के पास नहीं।' ॥7-8॥ | mahabharat अध्याय 7.24: धृतराष्ट्रका अपना खेद प्रकाशित करते हुए युद्धके समाचार पूछना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुत संजय! बहुत समय पहले की बात है, मूर्ख दुर्योधन ने मुझसे कहा था, 'पिताजी! इस समय केकय, काशी, कोसल और चेदि देश के लोग मेरी सहायता के लिए आये हैं। अन्य वंगों के लोग भी मेरी शरण में आये हैं। पिताश्री! इस जगत का बहुत बड़ा भाग मेरे पास है, अर्जुन के पास नहीं।' ॥7-8॥
Sut Sanjay! It is a long time ago that the foolish Duryodhan had said to me, 'Father! At this time, the people of Kekaya, Kashi, Kosala and Chedi country have come to help me. The people of other Vangas have also taken shelter in me. Father! A large part of this world is with me, not with Arjun.' ॥ 7-8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥