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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 24: धृतराष्ट्रका अपना खेद प्रकाशित करते हुए युद्धके समाचार पूछना
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श्लोक 6
श्लोक
7.24.6
द्यूतव्यसनमासाद्य क्लेशितो हि युधिष्ठिर:।
स पुनर्भागधेयेन सहायानुपलब्धवान्॥ ६॥
अनुवाद
हमने युधिष्ठिर को जुए के संकट में डालकर बड़ा कष्ट दिया था, किन्तु सौभाग्य से उन्हें पुनः बहुत से सहायक मिल गए हैं ॥6॥
We had caused great distress to Yudhishthira by putting him in the trouble of gambling, but by good fortune he has again got many helpers. ॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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