Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.24.16: हम सदैव उन महाबली सिंह पुरुषों का आश्रय लेकर अपना जीवन निर्वाह करते थे। अब जब वे महाबली योद्धा इस संसार से चले गए हैं, तो हमारी सेना का कोई भी सैनिक कैसे जीवित रह सकता है ॥16॥ | mahabharat अध्याय 7.24: धृतराष्ट्रका अपना खेद प्रकाशित करते हुए युद्धके समाचार पूछना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कथं स्यादवशेषो हि धुर्ययोरभ्यतीतयो:।
यौ नित्यमुपजीवाम: क्षमिणौ पुरुषर्षभौ॥ १६॥
अनुवाद
हम सदैव उन महाबली सिंह पुरुषों का आश्रय लेकर अपना जीवन निर्वाह करते थे। अब जब वे महाबली योद्धा इस संसार से चले गए हैं, तो हमारी सेना का कोई भी सैनिक कैसे जीवित रह सकता है ॥16॥
We always took shelter of those all-powerful lion men and sustained our lives. Now that those mighty warriors have left this world, how can any soldier of our army survive? ॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥