श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 24: धृतराष्ट्रका अपना खेद प्रकाशित करते हुए युद्धके समाचार पूछना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.24.1 
धृतराष्ट्र उवाच
व्यथयेयुरिमे सेनां देवानामपि संजय।
आहवे ये न्यवर्तन्त वृकोदरमुखा नृपा:॥ १॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले, "संजय! युद्ध से लौटे भीमसेन जैसे राजा देवताओं की सेना को भी कष्ट दे सकते हैं।"
 
Dhritarashtra said, "Sanjaya! The kings like Bhimasena who had returned from the war can trouble even the army of the gods."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)