vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण
»
श्लोक 97
श्लोक
7.23.97
तदभूद् ध्वजसम्बाधमकापुरुषसेवितम्।
द्रोणानीकं महाराज पटे चित्रमिवार्पितम्॥ ९७॥
अनुवाद
उस समय द्रोणाचार्य की ध्वजाधारी सेना, शूरवीरों से भरी हुई, कैनवास पर चित्रित चित्र के समान प्रतीत हो रही थी।
At that time, Dronacharya's flag-bearing army, filled with valiant men, appeared like a picture painted on a canvas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×