vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण
»
श्लोक 91
श्लोक
7.23.91
माहेन्द्रं च धनुर्दिव्यं धर्मराजे युधिष्ठिरे।
वायव्यं भीमसेनस्य धनुर्दिव्यमभून्नृप॥ ९१॥
अनुवाद
महाराज! धर्मराज युधिष्ठिर के पास महेन्द्र द्वारा दिया गया दिव्य धनुष था। इसी प्रकार भीमसेन के पास वायुदेव द्वारा दिया गया दिव्य धनुष था॥91॥
King! Dharmaraja Yudhishthira had a divine bow given to him by Mahendra. Similarly, Bhimsena had a divine bow given to him by Vayu Devta.॥91॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×