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mahabharat 7.23.89: राजन! कुमार अभिमन्यु के रथ का श्रेष्ठ ध्वज अत्यंत चमकीला था, क्योंकि वह तपा हुआ सोना था। उस पर सुनहरे सींग वाले पक्षी का चिह्न अंकित था।   |   mahabharat अध्याय 7.23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.23.89 
अभिमन्यो: कुमारस्य शार्ङ्गपक्षी हिरण्मय:।
रथे ध्वजवरो राजंस्तप्तचामीकरोज्ज्वल:॥ ८९॥
 
 
अनुवाद
राजन! कुमार अभिमन्यु के रथ का श्रेष्ठ ध्वज अत्यंत चमकीला था, क्योंकि वह तपा हुआ सोना था। उस पर सुनहरे सींग वाले पक्षी का चिह्न अंकित था।
 
Rajan! The best flag of Kumar Abhimanyu's chariot was very bright because it was made of heated gold. It had the symbol of a golden horned bird.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)