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mahabharat 7.23.83: भीमसेन का मणिमय नेत्रों से सुशोभित, महान सिंह का चिह्न धारण किये हुए, चमकता हुआ ध्वजा सुन्दरता से लहरा रहा था। मैंने उसे देखा था। 83.   |   mahabharat अध्याय 7.23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.23.83 
ध्वजं तु भीमसेनस्य वैदूर्यमणिलोचनम्।
भ्राजमानं महासिंहं राजन्तं दृष्टवानहम्॥ ८३॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन का मणिमय नेत्रों से सुशोभित, महान सिंह का चिह्न धारण किये हुए, चमकता हुआ ध्वजा सुन्दरता से लहरा रहा था। मैंने उसे देखा था। 83.
 
Bhimasena's shining flag bearing the symbol of a great lion, adorned with gem-like eyes, was fluttering beautifully. I had seen it. 83.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)