Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.23.76-77: जो लोग एकत्रित हुए थे और जिन्होंने सम्पूर्ण भरतों के मत को त्यागकर तथा अपनी समस्त इच्छाओं को त्यागकर केवल भक्ति के कारण युधिष्ठिर का पक्ष लिया था, वे लाल नेत्रों वाले, विशाल भुजाओं वाले राजा बृहन्त, स्वर्ण रथ पर आरूढ़ होकर, अरत्त देश के महाबली, विशाल और सुवर्णमय घोड़ों द्वारा युद्धभूमि में ले जाए गए। | mahabharat अध्याय 7.23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग एकत्रित हुए थे और जिन्होंने सम्पूर्ण भरतों के मत को त्यागकर तथा अपनी समस्त इच्छाओं को त्यागकर केवल भक्ति के कारण युधिष्ठिर का पक्ष लिया था, वे लाल नेत्रों वाले, विशाल भुजाओं वाले राजा बृहन्त, स्वर्ण रथ पर आरूढ़ होकर, अरत्त देश के महाबली, विशाल और सुवर्णमय घोड़ों द्वारा युद्धभूमि में ले जाए गए।
Those who had gathered and who, abandoning the opinions of all the Bharatas and giving up all their own desires, went in favour of Yudhishthira out of devotion alone, that red-eyed and large-armed King Brihant, who was seated on a golden chariot, was led to the battlefield by the mighty, huge and golden-coloured horses of the Aratta country.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥