Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.23.75: नाना प्रकार के आकार और मुखवाले, नाना प्रकार के रंगवाले और रथ के पहियों के चिन्ह वाली ध्वजाओंवाले घोड़े वीर घटोत्कच को युद्धभूमि में ले गए ॥75॥   |   mahabharat अध्याय 7.23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  7.23.75 
नानावर्णेन रूपेण नानाकृतिमुखा हया:।
रथचक्रध्वजं वीरं घटोत्कचमुदावहन्॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
नाना प्रकार के आकार और मुखवाले, नाना प्रकार के रंगवाले और रथ के पहियों के चिन्ह वाली ध्वजाओंवाले घोड़े वीर घटोत्कच को युद्धभूमि में ले गए ॥75॥
 
Horses with different shapes and faces, having various colors and having flags bearing the symbol of chariot wheels, took the brave Ghatotkacha to the battlefield. 75॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)