श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  7.23.62 
कलायपुष्पवर्णास्तु श्वेतलोहितराजय:।
रथसेनं हयश्रेष्ठा: समूहुर्युद्धदुर्मदम्॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
जिनका रंग केरव पुष्प के समान है, जिनके बाल श्वेत-लाल रंग के हैं, ऐसे उत्तम घोड़े युद्धोन्मादी सारथि को युद्धभूमि में ले गए।
 
Whose colour is like that of the Kerav flower, whose hair is of white-red colour, such excellent horses carried the war-mad charioteer to the battle-field.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)