श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  7.23.57 
बिभ्रतो हेममालास्तु चक्रवाकोदरा हया:।
कोसलाधिपते: पुत्रं सुक्षत्रं वाजिनोऽवहन्॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
चक्रवाक के पेट के समान श्वेत वर्ण वाले, सुवर्ण की माला पहने हुए घोड़े कोसलराज के पुत्र सुक्षत्र को युद्ध में ले गए ॥57॥
 
Horses, white in color, somewhat like the belly of Chakravak, wearing golden garlands, took Sukshatra, the son of the king of Kosala, into battle. 57॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)