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mahabharat 7.23.52: एक विशाल, तेज घोड़ा, जिसका रंग काले चने के समान था, सोने की मालाओं से सुशोभित था, जिसकी पीठ दही के समान सफेद थी और जिसका चेहरा धब्बेदार था, पांचाल के राजकुमार को शीघ्रता से युद्धभूमि में ले गया।   |   mahabharat अध्याय 7.23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  7.23.52 
माषवर्णाश्च जवना बृहन्तो हेममालिन:।
दधिपृष्ठाश्चित्रमुखा: पाञ्चाल्यमवहन् द्रुतम्॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
एक विशाल, तेज घोड़ा, जिसका रंग काले चने के समान था, सोने की मालाओं से सुशोभित था, जिसकी पीठ दही के समान सफेद थी और जिसका चेहरा धब्बेदार था, पांचाल के राजकुमार को शीघ्रता से युद्धभूमि में ले गया।
 
A huge, swift horse, coloured like black gram, adorned with garlands of gold, with a back as white as curd and a spotted face, carried the Prince of Panchala to the battlefield quickly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)