श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  7.23.51 
पञ्चालानां नरव्याघ्रो य: ख्यातो जनमेजय:।
तस्य सर्षपपुष्पाणां तुल्यवर्णा हयोत्तमा:॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
पांचालों के प्रसिद्ध नरसिंह जनमेजय के उत्तम घोड़े सरसों के पुष्पों के समान पीले रंग के थे।
 
The famous man-lion Janamejaya of the Panchalas, his excellent horses were of yellow colour like mustard flowers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)