श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  7.23.46 
इन्द्रायुधसवर्णैस्तु कुन्तिभोजो हयोत्तमै:।
आयात् सदश्वै: पुरुजिन्मातुल: सव्यसाचिन:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन के चाचा पुरुजित् कुन्तिभोज इन्द्रधनुष के समान सुन्दर, उत्तम कोटि के घोड़ों पर सवार होकर उस युद्धभूमि में आये ॥46॥
 
Arjuna's uncle Purujit Kuntibhoja came to that battlefield riding on beautiful horses of the best class, having the color of a rainbow. 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)