श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  7.23.41 
तमन्वयात् सत्यधृति: सौचित्तियुद्धदुर्मद:।
श्रेणिमान् वसुदानश्च पुत्र: काश्यस्य चाभिभू:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
उनके पीछे युद्ध-संहारक सुचित्त के पुत्र सत्यधृति, श्रेणिमन्, वसुदान* तथा काशी नरेश के पुत्र अभिभु थे। 41॥
 
Behind them were Satyadhriti, son of Suchitta, the war-killer, Shreniman, Vasudan* and Abhibhu, son of King Kashi. 41॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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