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mahabharat 7.23.37: स्वर्णिम पीठ वाले, रेशम के समान केश वाले, स्वर्ण की मालाओं से युक्त और बलवान घोड़े युद्ध में सेना का नेतृत्व करते हुए आगे बढ़ रहे थे॥37॥   |   mahabharat अध्याय 7.23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.23.37 
रुक्मपीठावकीर्णास्तु कौशेयसदृशा हया:।
सुवर्णमालिन: क्षान्ता: श्रेणिमन्तमुदावहन्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
स्वर्णिम पीठ वाले, रेशम के समान केश वाले, स्वर्ण की मालाओं से युक्त और बलवान घोड़े युद्ध में सेना का नेतृत्व करते हुए आगे बढ़ रहे थे॥37॥
 
Horses with golden backs, hair like silk, golden garlands and full of stamina led the ranks into battle. 37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)