श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.23.29 
सहस्रसोमप्रतिमो बभूव
पुरे कुरूणामुदयेन्दुनाम्नि।
तस्मिंजात: सोमसंक्रन्दमध्ये
यस्मात् तस्मात् सुतसोमोऽभवत् स:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
वह बालक हजारों चन्द्रमाओं के समान तेजस्वी था और सोमभिषव के दिन कौरवों के उदयेन्दु नामक नगर (इन्द्रप्रस्थ) में उत्पन्न हुआ था, इसलिए उसका नाम सुतसोम रखा गया ॥29॥
 
That child, as radiant as thousands of moons, was born on the day of Somabhishav (extraction of Somras) in the city of Kauravas named Udayendu (Indraprastha), hence he was named Sutasom. 29॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas