श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण  »  श्लोक 25-26h
 
 
श्लोक  7.23.25-26h 
रुक्मभाण्डप्रतिच्छन्ना: कौशेयसदृशा हया:॥ २५॥
क्षमावन्तोऽवहन् संख्ये सेनाबिन्दुमरिंदमम्।
 
 
अनुवाद
रेशम के समान श्वेत केश वाले, स्वर्ण आभूषणों और कवचों से सुसज्जित, सहनशील घोड़े शत्रु-दमनकारी सेनाबिन्दु को युद्धभूमि में ले गए।
 
The tolerant horses with hair as white as silk, adorned with golden ornaments and armour, carried the enemy-suppressing Senabindu to the battlefield. 25 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)