श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  7.23.22-23h 
धृष्टकेतुस्तु चेदीनामृषभोऽतिबलोदित:॥ २२॥
काम्बोजै: शबलैरश्वैरभ्यवर्तत दुर्जय:।
 
 
अनुवाद
चेदिदेश के महाबली राजा, अत्यन्त बलवान, दुर्जय और वीर धृष्टकेतु, कम्बोज के चितकबरे घोड़ों पर सवार होकर युद्धभूमि में लौट रहे थे ॥22 1/2॥
 
The great king of the Chedidesh, the extremely strong, formidable and brave Dhrishta Ketu was returning to the battlefield on the dappled horses of Kamboja. 22 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)