Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.23.13: वे 'ललाम' और 'हरि' नामक घोड़ों से सुशोभित थे, जो सब प्रकार की ध्वनियाँ सुनने और सहन करने में समर्थ थे। उस रणभूमि में, समस्त राजाओं के मध्य में, महाधनुर्धर राजा द्रुपद निर्भय होकर द्रोणाचार्य का सामना करने के लिए आए॥ 13॥ | mahabharat अध्याय 7.23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ललामैर्हरिभिर्युक्त: सर्वशब्दक्षमैर्युधि।
राज्ञां मध्ये महेष्वास: शान्तभीरभ्यवर्तत॥ १३॥
अनुवाद
वे 'ललाम' और 'हरि' नामक घोड़ों से सुशोभित थे, जो सब प्रकार की ध्वनियाँ सुनने और सहन करने में समर्थ थे। उस रणभूमि में, समस्त राजाओं के मध्य में, महाधनुर्धर राजा द्रुपद निर्भय होकर द्रोणाचार्य का सामना करने के लिए आए॥ 13॥
They were adorned with horses named 'Lalam'1 and 'Hari'2, which were capable of hearing and tolerating all kinds of sounds. In that battlefield, in the midst of all the kings, the great archer king Drupada came fearlessly to face Dronacharya.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥