श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 23: पाण्डव-सेनाके महारथियोंके रथ, घोड़े, ध्वज तथा धनुषोंका विवरण  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.23.1 
धृतराष्ट्र उवाच
सर्वेषामेव मे ब्रूहि रथचिह्नानि संजय।
ये द्रोणमभ्यवर्तन्त क्रुद्धा भीमपुरोगमा:॥ १॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! भीमसेन के समान जो योद्धा क्रोधपूर्वक द्रोणाचार्य पर आक्रमण कर रहे थे, उन सभी के रथों (घोड़ों, ध्वजाओं आदि) पर क्या चिह्न थे? यह बताओ।
 
Dhritarashtra asked - Sanjay! What were the markings on the chariots (horses, flags etc.) of all those warriors who were attacking Dronacharya in anger like Bhimasena? Tell me this.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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