Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.22.3: वह वीरों में सबसे श्रेष्ठ और वीर है, जो अपने सैनिकों के भाग जाने पर भी युद्धभूमि में लौट आता है। अरे! क्या पाण्डवों में कोई ऐसा वीर नहीं था जो द्रोणाचार्य के दृढ़ खड़े रहने पर उनका सामना कर सके?॥3॥ | mahabharat अध्याय 7.22: द्रोणके युद्धके विषयमें दुर्योधन और कर्णका संवाद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स हि वीरोन्नत: शूरो यो भग्नेषु निवर्तते।
अहो नासीत् पुमान् कश्चिद् दृष्ट्वा द्रोणं व्यवस्थितम्॥ ३॥
अनुवाद
वह वीरों में सबसे श्रेष्ठ और वीर है, जो अपने सैनिकों के भाग जाने पर भी युद्धभूमि में लौट आता है। अरे! क्या पाण्डवों में कोई ऐसा वीर नहीं था जो द्रोणाचार्य के दृढ़ खड़े रहने पर उनका सामना कर सके?॥3॥
He is the most advanced and valiant among the brave who returns to the battlefield when his soldiers have fled. Oh! Was there no brave man amongst the Pandavas who could face Dronacharya when he stood firm?॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥