Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.22.26: ये सब एक ही मार्ग पर चल रहे हैं। यदि व्रत और नियम का पालन करने वाले द्रोणाचार्य की रक्षा न की जाए, तो ये उन्हें उसी प्रकार कष्ट देंगे, जैसे मरने की इच्छा से पतंगा दीपक को बुझाने का प्रयत्न करता है॥ 26॥ | mahabharat अध्याय 7.22: द्रोणके युद्धके विषयमें दुर्योधन और कर्णका संवाद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये सब एक ही मार्ग पर चल रहे हैं। यदि व्रत और नियम का पालन करने वाले द्रोणाचार्य की रक्षा न की जाए, तो ये उन्हें उसी प्रकार कष्ट देंगे, जैसे मरने की इच्छा से पतंगा दीपक को बुझाने का प्रयत्न करता है॥ 26॥
All of them are moving on the same path. If Dronacharya, who observes fasts and rules, is not protected, then these will torment him in the same way as a moth with a desire to die tries to extinguish a lamp.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥