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mahabharat 7.22.25: भीमसेन की रक्षा के लिए कौरवश्रेष्ठ पाण्डव द्रोणाचार्य को चारों ओर से उसी प्रकार घेरे हुए हैं, जैसे बादल सूर्य को ढक लेते हैं।   |   mahabharat अध्याय 7.22: द्रोणके युद्धके विषयमें दुर्योधन और कर्णका संवाद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.22.25 
ते द्रोणमभिवर्तन्ते सर्वत: कुरुपुङ्गवा:।
वृकोदरं परीप्सन्त: सूर्यमभ्रगणा इव॥ २५॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन की रक्षा के लिए कौरवश्रेष्ठ पाण्डव द्रोणाचार्य को चारों ओर से उसी प्रकार घेरे हुए हैं, जैसे बादल सूर्य को ढक लेते हैं।
 
To protect Bhimasena, the best of the Kurus, the Pandavas, are surrounding Dronacharya from all sides, just as clouds cover the sun. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)