Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.22.11: दुर्योधन ने कहा, 'देखो, ये पांचाल सैनिक द्रोणाचार्य के बाणों से, जो प्रबल धनुषधारी हैं, उसी प्रकार पीड़ित हो रहे हैं, जैसे सिंह वनवासी मृगों को पीड़ित करता है।' 11.   |   mahabharat अध्याय 7.22: द्रोणके युद्धके विषयमें दुर्योधन और कर्णका संवाद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 22: द्रोणके युद्धके विषयमें दुर्योधन और कर्णका संवाद  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.22.11 
दुर्योधन उवाच
पश्य राधेय पञ्चालान् प्रणुन्नान् द्रोणसायकै:।
सिंहेनेव मृगान् वन्यांस्त्रासितान् दृढधन्वना॥ ११॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन ने कहा, 'देखो, ये पांचाल सैनिक द्रोणाचार्य के बाणों से, जो प्रबल धनुषधारी हैं, उसी प्रकार पीड़ित हो रहे हैं, जैसे सिंह वनवासी मृगों को पीड़ित करता है।' 11.
 
Duryodhana said, 'See, these Panchala soldiers are being tormented by the arrows of Dronacharya, who wields a strong bow, in the same way as a lion torments the forest-dwelling deer.' 11.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)