Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.21.65: हे भरतपुत्र! महामना द्रोणाचार्य के द्वारा मारे जाने पर पांचाल, केकय और मत्स्यदेश के सैनिक इन्द्र द्वारा मारे गए राक्षसों के समान काँप उठे। | mahabharat अध्याय 7.21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतपुत्र! महामना द्रोणाचार्य के द्वारा मारे जाने पर पांचाल, केकय और मत्स्यदेश के सैनिक इन्द्र द्वारा मारे गए राक्षसों के समान काँप उठे।
O son of Bharata! The soldiers of Panchala, Kekaya and Matsyadesh trembled after being struck by the great-minded Drona, like the demons killed by Indra. 65.
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि संशप्तकवधपर्वणि द्रोणयुद्धे एकविंशोऽध्याय:॥ २१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत संशप्तकवधपर्वमें द्रोणाचार्यका युद्धविषयक इक्कीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २१॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥