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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  7.21.59 
तं द्रोण: सधनुष्कं तु साश्वयन्तारमाक्षिणोत्।
स हत: प्रापतद् भूमौ रथाज्ज्योतिरिवाम्बरात्॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
परन्तु द्रोण ने उसे धनुष, घोड़े और सारथि सहित नष्ट कर दिया। उसके द्वारा मारा गया राजकुमार आकाश से उल्कापिंड की भाँति अपने रथ से भूमि पर गिर पड़ा।
 
But Drona destroyed him along with his bow, horse and charioteer. The prince killed by him fell from his chariot to the ground like a meteor from the sky.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)