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mahabharat 7.21.56: तत्पश्चात् क्षत्रवर्मा को अस्सी बाणों से और सुदक्षिण को छब्बीस बाणों से घायल किया गया तथा क्षत्रदेव को भल्ल से घायल करके रथ के आसन से नीचे गिरा दिया गया ॥56॥   |   mahabharat अध्याय 7.21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  7.21.56 
अशीत्या क्षत्रवर्माणं षड्‍‍विंशत्या सुदक्षिणम्।
क्षत्रदेवं तु भल्लेन रथनीडादपातयत्॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् क्षत्रवर्मा को अस्सी बाणों से और सुदक्षिण को छब्बीस बाणों से घायल किया गया तथा क्षत्रदेव को भल्ल से घायल करके रथ के आसन से नीचे गिरा दिया गया ॥56॥
 
After that, Kshatravarma was shot with eighty arrows and Sudakshin with twenty-six arrows and Kshatradeva was wounded with the bhalla and he was thrown down from the seat of the chariot. 56॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)