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mahabharat 7.21.55: उन्होंने शिखंडी को बारह बाणों से तथा उत्तमौजा को बीस बाणों से घायल कर दिया, तथा एक ही भाले से वसुदान को मारकर यमलोक भेज दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 55
 
 
श्लोक  7.21.55 
शिखण्डिनं द्वादशभिर्विंशत्या चोत्तमौजसम्।
वसुदानं च भल्लेन प्रैषयद् यमसादनम्॥ ५५॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने शिखंडी को बारह बाणों से तथा उत्तमौजा को बीस बाणों से घायल कर दिया, तथा एक ही भाले से वसुदान को मारकर यमलोक भेज दिया।
 
He wounded Shikhandi with twelve arrows and Uttamauja with twenty arrows, and then killed Vasudana with a single spear and sent him to Yamaloka.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)