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mahabharat 7.21.53: फिर निर्भय होकर आक्रमण करते हुए वह राजा क्षेम के पास पहुँचा और उसे नौ बाणों से घायल कर दिया। उन बाणों से घायल होकर वह रथ से नीचे गिर पड़ा।   |   mahabharat अध्याय 7.21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  7.21.53 
ततो राजानमासाद्य प्रहरन्तमभीतवत्।
अविध्यन्नवभि: क्षेमं स हत: प्रापतद् रथात्॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
फिर निर्भय होकर आक्रमण करते हुए वह राजा क्षेम के पास पहुँचा और उसे नौ बाणों से घायल कर दिया। उन बाणों से घायल होकर वह रथ से नीचे गिर पड़ा।
 
Then fearlessly attacking, he reached King Kshema and pierced him with nine arrows. Hit by those arrows, he fell down from the chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)