Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.21.52: तत्पश्चात् द्रोणाचार्य ने अपने वचन के अनुसार, मतवाले हाथी की भाँति रथ सेना पर छलांग लगाई और दृढसेन को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  7.21.52 
ततो द्रोण: सत्यसंध: प्रभिन्न इव कुञ्जर:।
अभ्यतीत्य रथानीकं दृढसेनमपातयत्॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् द्रोणाचार्य ने अपने वचन के अनुसार, मतवाले हाथी की भाँति रथ सेना पर छलांग लगाई और दृढसेन को मार डाला।
 
Thereafter, Drona, true to his word, leapt across the chariot army like an elephant flowing in intoxication, and killed Dridhasena.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)