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mahabharat 7.21.4: तब आचार्य और पांचाल के राजकुमार, दोनों ही पराक्रमी योद्धा आपस में लड़ने लगे और इन्द्र तथा बलि की भाँति सेना को विचलित करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.21.4 
तत आचार्यपाञ्चाल्यौ युयुधाते महाबलौ।
विक्षोभयन्तौ तत् सैन्यमिन्द्रवैरोचनाविव॥ ४॥
 
 
अनुवाद
तब आचार्य और पांचाल के राजकुमार, दोनों ही पराक्रमी योद्धा आपस में लड़ने लगे और इन्द्र तथा बलि की भाँति सेना को विचलित करने लगे।
 
Then the Acharya and the Prince of Panchala, both mighty warriors, began fighting amongst themselves, disturbing the army like Indra and Bali.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)