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mahabharat 7.21.25: उन समस्त सैनिकों को बार-बार बाणों की अग्नि से जलते हुए देखकर विराट के छोटे भाई शतानीक ने द्रोणाचार्य पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.21.25 
निर्दहन्तमनीकानि तानि तानि पुन: पुन:।
द्रोणं मत्स्यादवरज: शतानीकोऽभ्यवर्तत॥ २५॥
 
 
अनुवाद
उन समस्त सैनिकों को बार-बार बाणों की अग्नि से जलते हुए देखकर विराट के छोटे भाई शतानीक ने द्रोणाचार्य पर आक्रमण कर दिया।
 
Seeing all those soldiers being burnt by the fire of arrows again and again, Virata's younger brother Shatanika attacked Dronacharya. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)