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mahabharat 7.21.22: उस शक्तिशाली पांचाल योद्धा की मृत्यु के बाद, युधिष्ठिर द्रोणाचार्य से बहुत डर गए और तेज घोड़ों द्वारा खींचे गए रथ पर सवार होकर युद्धभूमि से भाग गए।   |   mahabharat अध्याय 7.21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.21.22 
तस्मिन् हते महामात्रे पञ्चालानां महारथे।
अपायाज्जवनैरश्वैर्द्रोणात् त्रस्तो युधिष्ठिर:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
उस शक्तिशाली पांचाल योद्धा की मृत्यु के बाद, युधिष्ठिर द्रोणाचार्य से बहुत डर गए और तेज घोड़ों द्वारा खींचे गए रथ पर सवार होकर युद्धभूमि से भाग गए।
 
After the death of that mighty Panchala warrior, Yudhishthira became very afraid of Dronacharya and fled from the battlefield in a chariot drawn by fast horses.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)