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mahabharat 7.21.15: इस प्रकार बाणों की वर्षा होने पर महाबली द्रोण ने क्रोधपूर्वक आँखें फाड़कर अपनी विशेष शक्ति का प्रदर्शन किया।   |   mahabharat अध्याय 7.21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  7.21.15 
द्रोणस्तु शरवर्षेण च्छाद्यमानो महारथ:।
वेगं चक्रे महावेग: क्रोधादुद्‍वृत्य चक्षुषी॥ १५॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार बाणों की वर्षा होने पर महाबली द्रोण ने क्रोधपूर्वक आँखें फाड़कर अपनी विशेष शक्ति का प्रदर्शन किया।
 
Being thus showered with arrows, the mighty warrior Drona, glaring angrily with his eyes wide open, displayed his special power.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)