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mahabharat 7.202.95-96h: तदनन्तर ब्रह्माजी ने पास जाकर भगवान महेश्वर को देखा और उन्हें सर्वश्रेष्ठ जानकर उनकी पूजा की ॥95 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल  »  श्लोक 95-96h
 
 
श्लोक  7.202.95-96h 
अथाभ्येत्य ततो ब्रह्मा दृष्ट्वा स च महेश्वरम्॥ ९५॥
अयं श्रेष्ठ इति ज्ञात्वा ववन्दे तं पितामह:।
 
 
अनुवाद
तदनन्तर ब्रह्माजी ने पास जाकर भगवान महेश्वर को देखा और उन्हें सर्वश्रेष्ठ जानकर उनकी पूजा की ॥95 1/2॥
 
Thereafter, Lord Brahma went near and saw Lord Maheshwar and worshiped him knowing that he was the best. 95 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)