Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.202.83-84h: जब वे तीनों नगरों को जला रहे थे, तब देवी पार्वती अपनी गोद में पाँच जटाओं वाले एक बालक को लेकर उन्हें देखने वहाँ गयीं।   |   mahabharat अध्याय 7.202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल  »  श्लोक 83-84h
 
 
श्लोक  7.202.83-84h 
पुराणि दग्धवन्तं तं देवी याता प्रवीक्षितुम्॥ ८३॥
बालमङ्कगतं कृत्वा स्वयं पञ्चशिखं पुन:।
 
 
अनुवाद
जब वे तीनों नगरों को जला रहे थे, तब देवी पार्वती अपनी गोद में पाँच जटाओं वाले एक बालक को लेकर उन्हें देखने वहाँ गयीं।
 
When they were burning the three cities, Goddess Parvati went there to see them, carrying in her lap a child with five tufts of hair. 83 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)