Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.202.82-83h: उस समय दैत्य उन नगरों की ओर, यहाँ तक कि उस बाण की ओर भी नहीं देख सके जो काली अग्नि से संयुक्त था तथा जिसमें विष्णु और सोम की शक्ति थी। | mahabharat अध्याय 7.202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुराणि न च तं शेकुर्दानवा: प्रतिवीक्षितुम्॥ ८२॥
शरं कालाग्निसंयुक्तं विष्णुसोमसमायुतम्।
अनुवाद
उस समय दैत्य उन नगरों की ओर, यहाँ तक कि उस बाण की ओर भी नहीं देख सके जो काली अग्नि से संयुक्त था तथा जिसमें विष्णु और सोम की शक्ति थी।
At that time the demons were not able to look towards those cities or even towards that arrow which was combined with the black fire and had the powers of Vishnu and Som. 82 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥