Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.202.78-79: उस बाण की तीक्ष्ण धार को बिजली बनाकर, मुख्य ध्वजा के स्थान पर मेरु पर्वत को स्थापित किया गया। इस प्रकार समस्त देवताओं से युक्त, दैत्यों का नाश करने वाले, अपार पराक्रमी, योद्धाओं में श्रेष्ठ और सदैव स्थिर रहने वाले दिव्य रथ का निर्माण करके, श्रीमन भगवान शिव त्रिपुर का वध करने के लिए उस पर आरूढ़ हुए। | mahabharat अध्याय 7.202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस बाण की तीक्ष्ण धार को बिजली बनाकर, मुख्य ध्वजा के स्थान पर मेरु पर्वत को स्थापित किया गया। इस प्रकार समस्त देवताओं से युक्त, दैत्यों का नाश करने वाले, अपार पराक्रमी, योद्धाओं में श्रेष्ठ और सदैव स्थिर रहने वाले दिव्य रथ का निर्माण करके, श्रीमन भगवान शिव त्रिपुर का वध करने के लिए उस पर आरूढ़ हुए।
Having made the lightning into the sharp edge of that arrow, Mount Meru was placed in the place of the main flag. Having thus prepared a divine chariot consisting of all the gods, the destroyer of demons, of immense power, the best among warriors and always stable, Shriman Bhagwan Shiva mounted it to kill Tripura. 78-79.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥